कृषि विपणन मंत्री ने वसूली की समीक्षा

प्रदे के उद्यान, कृषि  विपणन, कृषि विदेश  व्यापार तथा कृषि  निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिने प्रताप सिंह  ने मंगलवार को किसान मण्डी भवन, गोमती नगर, लखनऊ में  समीक्षा बैठक की। उन्होंने मण्डी परिषद की आय-आवक के लक्ष्य एवं प्राप्ति पर सन्तोष  व्यक्त किया तथा मण्डी परिशद की आय-आवक के अतिरिक्त विकास कार्यों को प्रमुखतः से पूरा किये जाने के निर्दे दिये। उन्होंने एग्री-एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने, मण्डल स्तर पर नये उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा सेमीनार कराये जाने के भी निर्दे दिये। उनके द्वारा यूजर चार्ज, मण्डी शुल्क एवं प्रवर्तन के कार्यों तथा स्थापित वे-ब्रिज का पूर्ण उपयोग व सी.सी.टी.वी. के माध्यम से नियमित समीक्षा पर बल दिया गया।

कृषि विपणन मंत्री ने वसूली की समीक्षा करने, अनादृत चेकों/ अवैध व्यापार को समाप्त कराये जाने तथा मण्डी परिषद/समितियों की रिक्त भूमि व परिसम्पत्तियों की उपयोगिता किसानों के हितार्थ किये जाने के निर्देश दियेे। उन्होंने मण्डी समितियों में कृषकों को सम्मानित करने व जनप्रतिनिधियों , विधायकों से वार्ता कर उनके द्वारा लाभार्थियों को प्रोत्साहित किये जाने की अपेक्षा की। मण्डी परिषद एवं मण्डी समितियों की सम्पत्तियों का सम्पत्ति रजिस्टर बनाने के निर्देश दियेे गए। उनके द्वारा मण्डी परिसर में कार्यरत व्यापारियों के बिजली के उपयोग करने का प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मण्डी परिसर में समस्त दुकानदारों का बिजली कनेक्षन लिये जाने की समीक्षा किये जाने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये।
श्री सिंह ने किसानों एवं व्यापारियों के कल्याणार्थ योजना बनाये जाने हेतु सुझाव उपलब्ध कराये जाने, तथा निर्यात को बढ़ावा दिये जाने हेतु सुझाव उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये। विभिन्न देयकों की वसूली में सबसे खराब 05 मण्डल के उप निदेशकों को कारण बताओं नोटिस दिये जाने के निर्देश दियेे। उनके द्वारा मण्डी परिषद द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराये जाने, संबंधित फर्म का नियमानुसार ससमय भुगतान कराये जाने के निर्देश दियेे। उन्होंने कहा कि ग्राम समाज की भूमि पर जहॉ साप्तहिक अथवा सप्ताह में 02 दिन बाजार लगता है, वहॉ हाट-पैठ का निर्माण कराया जाय। मण्डी परिषद के स्वामित्व के सम्पर्क मार्गो की मरम्मत जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव प्राप्त कर कराया जाय।
श्री सिंह ने कहा कि पूर्वनिर्मित मण्डी/उपमण्डी स्थल जो मरम्मत योग्य है, उनकी मरम्मत/पुननिर्माण कराया जाय। उन्होंने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराये जाने एवं सम्बन्धित फर्मो को नियमानुसार ससमय भुगतान कराये जाने के निर्देश दियेे।
निदेशक, मण्डी परिष द द्वारा अवगत कराया गया कि ई-नाम दिवस एवं अन्य माध्यमों से समय-समय पर कृशकों एवं व्यापारियों को सम्मानित किया जाता है तथा 15 अगस्त, 2022 को प्रदेश के जनपद मुख्यालय की मण्डियों में 75/75 पल्लेदारों को सम्मानित किया गया। अपर निदेशक द्वारा नूतन अभिनव कार्य अन्तर्गत किसानों के मोबाइल पर मण्डी भाव व ई-नाम योजना में नीलामी से अवगत कराया गया। 

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