चार सौ लाख मैट्रिक टन चीनी उत्पादन की सम्भावना

 

जिस बाजार में महंगाई, चीनी की घरेलू खपत, एथनाल उत्पादन में जाने वाली चीनी की मात्रा और कैरीओवर स्टॉक पोजिशन के आकलन के बाद ही सरकार चीनी निर्यात का फैसला करेगी। चीनी उद्योग का आग्रह 80 लाख टन चीनी निर्यात करने के साथ उसे कोटा प्रणाली के बजाय ओपेन जनरल लाइसेंस श्रेणी में डालने का है। जबकि सरकार घरेलू बाजार की महंगाई को देखते हुए कोई फैसला लेगी सूत्रों की मानें तो एक अक्तूबर को नया पेराई सीजन शुरू होने से पहले सरकार इसकी घोषणा कर सकती है। आगामी पेराई सीजन के चालू होने के समय चीनी का ओपेनिंग स्टॉक पिछले कई सालों के निचले स्तर 60 लाख टन है। चालू सीजन 2021-22 के दौरान कुल 112 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका है। जबकि अगले चीनी वर्ष 2022-23 के दौरान 80 लाख टन से अधिक चीनी निर्यात की संभावना नहीं है इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने आगामी पेराई सीजन में कुल 400 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। जबकि वर्ष 2021-22 के दौरान कुल 394 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया था। उद्योग संगठन का कहना है कि चीनी निर्यात के एडवांस सौदे होने से मिलों के समक्ष नगदी संकट नहीं होगा जिससे गन्ना किसानों को आगामी सीजन में भुगतान में कोई मुश्किल पेश नहीं आएगा

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